सीबीएसई ने नए पाठ्यक्रम में बड़ा बदलाव, अब पढ़ना होगा ये नया सब्जेक्ट

आगरा। मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा छात्रों का कार्य भार कम करने की पहल के अनुरूप सीबीएसई ने हाल ही में सत्र 2018.19 के वाणिज्य वर्ग के पाठ्यक्रम में कई बदलाव किए हैं। जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों में व्यावहारिक अध्ययन के प्रति अभिरुचि बढ़ाना है। समय.समय पर सीबीएसई अपने पाठ्यक्रम में विषय सामग्री को अधिक रोचक तथा व्यावहारिक बनाने के लिए बदलाव लाता रहा है, ताकि विद्यार्थियों की विषय के अध्ययन के प्रति रुचि बनी रहे तथा वे अर्थव्यवस्था में होने वाले बदलाव को सम्यक रूप से जान सकें।

इन विषयों को किया गया शामिल
इस सत्र से कक्षा 11 के लेखांकन Accountancy के पाठ्यक्रम में भी इसी दिशा निर्देश के अनुसार माल एवं सेवा कर जीएसटी को शामिल किया गया है, जिससे विद्यार्थी इसके अर्थ विशेषताओं तथा उद्देश्यों को जान सकें। जीएसटी का साधारण गणना प्रक्रिया को लेखांकन में शामिल किया गया है। जीएसटी अर्थव्यवस्था की कर प्रणाली में बहुत बड़ा सुधार है, जिसमें लगभग सभी प्रकार के अप्रत्यक्ष करों को हटा कर एकल कर प्रणाली को लागू किया गया है, जिससे उपभोक्ता को बार.बार कर न देना पड़े। गैर लाभकारी संस्थानों के लेखांकन को कक्षा 11 के पाठ्यक्रम से हटा कर कक्षा 12 में सम्मिलित किया गया है। इसे सम्मिलित करने का मूल उद्देश्य कक्षा 12 के पाठ्यक्रम में शमिल विद्यार्थियों को इनसे अवगत कराते हुए उनका सर्वांगीण विकास करना है। शामिल किए गए नए पाठ्यक्रम के अध्याय के लिए 10 अंक निर्धारित किए गए हैं।

कक्षा 12 के पाठ्यक्रम में ये हुआ बदलाव
कक्षा 12 में ऋण पत्रों के शोधन Redemption of Debentures में से रूपांतरण प्रणाली Conversion method तथा खुले बाजार में क्रय Open market Operation को भी हटा दिया है। कंपनी लेखांकन के लिए निर्धारित 25 अंकों को कम करके 15 अंक कर दिया गया है। कक्षा 11 में एकल लेखा प्रणाली में रूपांतरण प्रणाली Conversion method को शामिल किया गया है। भारतीय अर्थव्यवस्था विमुद्रीकरण के दौर से गुजर रही है। अर्थव्यवस्था पर इसके पड़ने वाले प्रभावों से छात्रों को अवगत कराने के लिए व्यावसायिक अध्ययन विषय में इस वर्ष विमुद्रीकरण Demonitization को पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है, जिससे विषय अधिक तथ्यपरक बन सके एवं विद्यार्थियों को भारतीय अर्थव्यवस्था एवं समाज पर इसके प्रभावों से अवगत कराया जा सके। छात्रों के पुस्तकीय ज्ञान को वास्तविकता से जोड़ने एवं छात्रों के कार्य भार को कम करने के लिए विषय में शामिल दो परियोजना कार्य के स्थान पर एक कर दिया गया है, जिससे छात्र वास्तविक अध्ययन करें।

इस विषय को भी बनाया गया सरल
अर्थशास्त्र विषय को सरल बनाने के लिए सीबीएसई ने गत वर्ष 20 अंकों का परियोजना कार्य Project Work कक्षा 12 के पाठ्यक्रम में सम्मिलित करके छात्रों के तनाव को कम करने का महत्वपूर्ण एवं सराहनीय प्रयास किया था। पिछले सत्र तक कक्षा 12 में अर्थशास्त्र में दो भाग होते थे। व्यष्टि अर्थशास्त्र तथा समष्टि अर्थशास्त्र। जबकि कक्षा 11 में भारतीय अर्थव्यवस्था तथा सांख्यिकी का अध्ययन कराया जाता था । विद्यार्थियों का कार्य भार कम करने के लिए तथा पाठ्यक्रम को सरल व रोचक बनाने के लिए इस वर्ष से कक्षा 11 में कक्षा 12 का पहला भाग व्यष्टि अर्थशास्त्र Macro Econamics भारतीय अर्थव्यवस्था के स्थान पर पढ़ाया जायेगा, जिससे कक्षा 11 में व्यष्टि अर्थशास्त्र में सीखे गए चित्र उन्हें कक्षा 12 में समष्टि अर्थशास्त्र को समझने में सहायक सिद्ध होंगे। सत्र 2019.20 में कक्षा 12 के विद्यार्थी समष्टि अर्थशास्त्र Macro Econamics के साथ भारतीय अर्थव्यवस्था का अध्ययन करेंगे।

सराहनीय कदम
प्रिल्यूड पब्लिक स्कूल के निदेशक सुशील गुप्ता ने बताया कि छात्रों को तनाव मुक्त वातावरण में सीखने का उन्मुक्त वातावरण देने की दिशा में सीबीएसईद्वारा उठाया गया यह कदम निस्संदेह सराहनीय प्रयास है।

 

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