राजनैतिक अराजकता और उपहास

देश एक आज के दोर में राजनैतिक अराजकता और उपहास का केंद्र बन गया हें| जहा एक और सत्ता दल अपने पुरे जोर शोर से अगले चुनाव की तयारी में लगा हें वही पूरा विपक्ष एक जुट होकर सत्ताधारी पार्टी को हराने की योजना बना रहा हें | सभी दल लगभग अपने अपने स्वार्थ साधने में लगे हें | यहाँ तक तो ठीक हें लेकिन जब बात देश हित की आती हें तो मेरे ख्याल से सभी दलों को एक जुट होकर अपने देश के हित के मुद्दे पर चर्चा करनी चाहिए और देश केसे आगे बड़े उस पर पुरजोर ध्यान देना चाहिए लेकिन ये हमारा दुर्भाग्य हें की केवल अपने स्वार्थ साधने की होड़ में देश हित के मुद्दे पीछे छुट जाते हें | इसका ताजा उदाहरण यह हें की देश आजाद हुवे 70 साल से ज्यादा हो गए हें लेकिन आज तक लोगो को यह समझ में नहीं आया की शोचालय के लिए कहा जाना चाहिए, हमारे देश की राजनीती में कुछ पार्टिया की अपनी रणनीति रहती हें की जेसे ही सत्ता मिले अपने सात पीडियो की व्यवस्था कर लो बाकि तो देश इसे ही चलता रहेगा | में यहाँ एक बार मोदी जी के नेतृत्व का अनुकरण करूँगा क्योकि इन्होने निर्णय लेते वक्त ये नहीं सोचा की यदि में कठोर निर्णय लूँगा तो मुझे देश की जनता आगे वोट नहीं देगी, उन्होंने जो भी निर्णय लिए वो देश हित में लिए और देश केसे भविष्य में आगे बढेगा इस प्रकार के निर्णय लिए गए| मेरो सोच से देश हित के मुद्दे पर सभी दलों को एक बेंच पर आना चाहिए और निर्णय लेना चाहिए तभी देश आगे बढेगा, नहीं तो वही हल होगा जो आज शोचालय का हो रहा हें |

0 Comments

Leave a Comment

Login

Welcome! Login in to your account

Remember me Lost your password?

Lost Password