योग जीवन के लिए अमृत

योग एक साधना हें हमारे पुराणिक ग्रंथो में योग का बड़ा ही महत्व हें | अगर हम वैदिक काल की बात करे तो योग के बिना जीवन ही अधुरा माना गया हें | बिना योग के जीवन को नश्वर कहा गया हें | वास्तव में योग एक साधना ही हें जो की हर एक इन्सान को अपनी जीवन शेली के अनुसार अपनाना चाहिए, आज के समय में योग का महत्व हमारे लिए और भी बड जाता हें   क्योकि हम सब कुछ बिना नियम और सयंम के चलते चले जा रहे हें जहा न खाने का कुछ नियम हें न पिने का, ऊपर से विलासिता ने हमको एक तरह से पंगु बना दिया हें |  कुछ बचें है बंद हो चुके 1000 और 500 के नोट हैं तो बदलवा लें , आज भी बेधड़क चल रहे हैंवास्तव में आज के कलिकाल में योग को हमारी जीवन शेली में शामिल किया जाना चाहिए| जिस से हम अपनी परंपरा से भी जुड़े रहे और अपने शरीर को एनर्जी भी दे सके ताकी हमारी कार्य करने की उर्जा बड सके, इसके प्रति लोगो में और जागरूकता लाने की कोशिश करने की ज़रूरत हें ताकी सभी लोग इसको अपने दैनिक जीवन में शामिल कर सके और आरोग्यता प्राप्त कर सके | क्योकि जिस तरह से जीवन की आयु कम होती जा रही हें उसका मूल कारण केवल और केवल हमारा अनियंत्रित जीवन व्यापन ही हें इसको हमको अपने नियंत्रण में लाना अनिवार्य हो गया हें क्योकि आज अनेकानेक बिमारिय इन्सान के पीछे पड़ी हें और इन सब से छुटकारा पाने का केवल एक ही रास्ता दिख रहा हें और वह केवल योग का ही हें योग को हमें एक साधना के रूप में नियमित करने की दिशा में कार्य करना चाहिए |

 

स्वास्थ ही हमारी पूंजी हें और यही हमारा धन हें | 

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