देश की समरसता पर आरक्षण का हमला

भारत देश एक सर्वधर्म समभाव वाला देश हें और यहा की वसुंधरा की अपनी एक अलग ही पहचान हें हजारो सालो से भारत एक विश्वगुरु रहा हें और आज भी हें | बहुत से इसे अविष्कार हें जो भारत ने अपने दम पर दुनिया को दिए हें और समूचे विश्व को राह दिखाई हें, लेकिन हजारो सालो से भारत को तोड़ने की प्रक्रिया चल रही हें और यह निरंतर जारी हें जिसका एक ही मकसद हें केवल भारत को कमजोर करना और इस दिशा में हमारी देश की राजनीती ने भी अहम् भूमिका अदा करी हें | कुछ पार्टियों ने केवल अपने वोट बैंक की खातिर इस देश की अखंडता और संप्रभुता को भी ताक पर रख दिया हें और ऐसे ऐसे निर्णय लिए हें जिससे की पूरा समाज टूटने और अलग अलग होने की दिशा में आगे बड रहा हें| इसे समाज पर हमला ही कहेंगे क्योकि सभी पार्टिया अपने अपने वोट बैंक पक्के करने की चाह में और जीतने की राह में आगे बड रही हें, और उस पर सबसे बड़ा जो समाज को तोड़ने वाला कार्य हें वह हें आरक्षण, यह एक एसी केंसर के समान लाइलाज बीमारी इन राजनितिकारो ने समाज को दी हें की की पूरा समाज इसके प्रभाव में आ चूका हें और इसका निदान करना भी अब मुश्किल होता जा रहा हें| इसका दुष्परिणाम केवल देश का हर तरह से नुकसान ही हें चाहे वह आर्थिक हो, सामाजिक हो या संवेधानिक हो इसका असर पुरे समाज पर ही पड़ेगा | अब इस स्थिथि से निपटने के लिए सभी पार्टियों को एक मँच पर बेठ कर इसको आर्थिक आधार पर कर देना चाहिए ताकि वास्तव में जिसको इसकी ज़रूरत हो उसको इसका लाभ मिले और देश में सर्वधर्म समभाव बना रहे | और हमारा राष्ट्र एक सूत्र में बंधा रहे |

 

 

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