एपल के खिलाफ कानूनी कार्रवाई, रिटेलर्स पर डिस्प्ले मॉडल खरीदने का दवाब डालने का आरोप

एपल के खिलाफ कानूनी कार्रवाई, रिटेलर्स पर डिस्प्ले मॉडल खरीदने का दवाब डालने का आरोप

एपल के खिलाफ कानूनी कार्रवाई, रिटेलर्स पर डिस्प्ले मॉडल खरीदने का दवाब डालने का आरोप

आपको बता दे की अमेरिकी टेक कंपनी एपल और दक्षिण कोरियाई स्मार्टफोन रिटेलर्स के बीच एक नया विवाद सामने आया है। इन्वेस्टर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, रिटेलर्स ने एपल आईफोन के डिस्प्ले मॉडल खरीदने का दवाब डालने के खिलाफ 21 नवंबर को विरोध प्रदर्शन भी किया था। कोरिया मोबाइल डिस्ट्रिब्यूटर एसोसिशन (केएमडीए) ने एक बयान जारी कर कहा है कि एपल अपने आईफोन को तभी बेचने देती है, जब उसके डिस्प्ले मॉडल को रिटेलर्स खरीदते हैं।

स्मार्टफोन रिटेलर्स ने अपने बयान में क्या कहा?

  • केएमडीए ने अपने बयान में कहा कि ज्यादातर कंपनियां डिस्प्ले मॉडल रिटेलर्स को मुहैया कराती हैं और उन्हें बाद में वापस ले लेती हैं। लेकिन एपल ने डेमो और डिस्प्ले मॉडल खरीदने के लिए रिटेलर्स पर दवाब डाला।
  • केएमडीए ने आरोप लगाया कि, उन्हें न सिर्फ इन डिस्प्ले मॉडल को रखने के लिए शेल्व बनाने का खर्चा देना पड़ता है बल्कि एपल इन शेल्व को रखने की जगह और पोस्टर टांगने की जगह भी तय करता है।

एपल के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी : केएमडीए ने अपने बयान में कहा कि वे एपल की इस पॉलिसी की वजह से होने वाले नुकसान की जांच कर रहे हैं और उसके बाद देश की तीन मोबाइल कैरियर कंपनियां एसके टेलीकॉम, केटी टेलीकॉम और एलजी यूप्लस के साथ मिलकर एपल के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की तैयारी कर रही है। इसके साथ ही ये भी कहा है कि एपल की इस पॉलिसी की शिकायत फेयर ट्रेड कमीशन (एफटीसी) में भी की जाएगी।

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कोरिया में विवादों में रही है एपल 

  • ये कोई पहली नहीं है जब दक्षिण कोरिया में एपल विवादों में घिरी है। इससे पहले 2016 में भी एफटीसी ने एपल के खिलाफ जांच शुरू की थी। दरअसल, एसके टेलीकॉम, केटी टेलीकॉम और एलजी यूप्लस ने आरोप लगाया था कि एपल ने टीवी एड और आईफोन रिपेयरिंग का खर्चा देने के लिए मजबूर किया।
  • नवंबर 2017 में भी मोबाइल कैरियर कंपनियों ने आरोप लगाया कि एपल के आईफोन 8 प्लस और आईफोन एक्स के टीवी विज्ञापन के लिए खर्चा देने के लिए एपल ने दवाब डाला।
  • ऐसा इसलिए है क्योंकि कोरियाई मार्केट में एपल की डिमांड काफी ज्यादा है इसलिए मोबाइल कंपनियां एपल की हर बात मानती है। इसी साल अप्रैल में एफटीसी ने एपल को चेतावनी भी दी थी कि अगर कंपनी कोई गलत पॉलिसी लाती है तो उसको जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है।

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